सिर्फ इश्कवालों की यादें गुलजार क्यूं हैं: अमीर हाशमी

दुनिया इन्कार करती है फिर भी तलबगार क्यूं है,ये इश्क इतना असरदार क्यूं है खाक मे मिल चुकी है हर शय फानी हैसिर्फ इश्क के दुनिया मे मजार क्यूं है अजिमोशान शहंशाहों को भुला चुकी है दुनियासिर्फ इश्कवालों की यादें गुलजार क्यूं हैं फकिरी मे गुजरते देखी है इश्कवालों की जिंदगीफिर भी साहिलों की यहांContinue reading “सिर्फ इश्कवालों की यादें गुलजार क्यूं हैं: अमीर हाशमी”

यूँ तो आते हैं मुझको हर साल

यूँ तो आते हैं मुझको हर साल बहुत से पैग़ाम लेकिन,इंतेज़ार अब भी मुझे उस एक शक़्स का होता हैं. Yu to aate hian mujhko har saal bhut se paigham lekin, Intezar ab bhi mujhe us ek shakhs ka hota hain. – Amir Hashmi

Dilip Kumar and Siara Banu, Till Death do us apart

#DilipKumarTribute #amirhashmi What a heart-wrenching picture this is. Of Saira Banu in her grief. Unmindful of the mourners who came to pay their last respects to Dilip Kumar and then stayed on to take mobile photos, and the intrusive paparazzi, she showed how true love can only lead to a broken heart when one ofContinue reading “Dilip Kumar and Siara Banu, Till Death do us apart”

How to Saver Rivers in Hindi

Rivers are dumped with various wastes such as household, industrial,etc. It is very important to check that the wastes are treated properly before discharging into the rivers. Oil spills from the vehicles or heavy industries should not be allowed to get discharged into the rivers. Strict water laws should be there. Fortunately, you can do your part to save the rivers byContinue reading “How to Saver Rivers in Hindi”

Life is a journey, not competition

There are two types of reactions I’ve noticed from people who look at others success.⁣⁣ The ‘That should be me’ reaction. – A feeling of envy, often resulting in hateful comments or actions. Usually a wishful thinker, not willing to put in the work and assumes the world owes them something.⁣⁣ The ‘inspired’ reaction. –Continue reading “Life is a journey, not competition”

Tankeshwar Chandra Birthday: अमीर हाशमी सहित कई संस्थाध्यक्षों ने दी बधाई

इन.जी.ओ. महासंघ के राष्टीय अध्यक्ष और संयोजन टंकेश्वर चंद्रा का आज जन्मदिन है। उन्हें देश भर से बधाईयों का तांता लगा हुआ है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी लंबी उम्र की कामना कर रहे हैं। कई इन.जी.ओ. के अध्यक्षों से उन्हें जन्मदिन की बधाई मिली है। वहीं, राज्य भर में इन.जी.ओ. महासंघ से जुडी संस्थाएंContinue reading “Tankeshwar Chandra Birthday: अमीर हाशमी सहित कई संस्थाध्यक्षों ने दी बधाई”

हम काल्पनिक नए भारत की कल्पना करते हैं: अमीर हाशमी

यहां एक दृष्टिकोण की जरूरत है जहां सभी सरकार, समाज और आध्यात्मिक नेता मिलकर काम करते हैं, छत्तीसगढ़ की नदीयों को बचाने के लिए समाज को आगे आना होगा, नदी को सम्मान देने की दिशा में कौन काम करेगा? नदियों को उसके जीवित रहने के लिए समाज का समर्थन चाहिए. यदि ऐसा नहीं होता है,Continue reading “हम काल्पनिक नए भारत की कल्पना करते हैं: अमीर हाशमी”

चैप्लिन का गांधी – दो धुवों का मिलाप

– 1931 में गोलमेज़ सम्मेलन के सिलसिले में महात्मा गांधी लंदन पहुंचे थे। संयोग से चार्ली चैप्लिन भी तब वहीं थे। गांधी जी से उनकी भेंट हुई। – ये दोनों एक-दूसरे से सर्वथा भिन्न थे। गांधीजी तो सिनेमा भी नहीं देखते थे। किंतु इन दो विलक्षण व्यक्तित्वों की यह मुलाक़ात विश्व-कल्पना में सजीव बनी हुईContinue reading “चैप्लिन का गांधी – दो धुवों का मिलाप”

हम कश्मीर में पंडितों के साथ खड़े है: अमीर हाशमी

हम जर्मनी में यहूदियों के साथ खड़े है,हम कश्मीर में पंडितों के साथ खड़े है,हम पाकिस्तान में अल्पसंख्यक शियाओं, सिखों, हिन्दू, पारसी, ईसाई, बौद्ध के साथ खड़े है,हम चीन में उइगर के साथ खड़े है,हम म्यांमार में रोहिंग्या के साथ खड़े है,हम श्रीलंका में तमिलों के साथ खड़े है,हम दिल्ली में सिखों के साथ खड़ेContinue reading “हम कश्मीर में पंडितों के साथ खड़े है: अमीर हाशमी”

युवा पीढ़ी को बताना होगा उनके सच्चे आदर्श कौन हैं

वर्तमान समय की आवश्यकता है कि हम अपने रोल मॉडल्स के चयन पर पुनर्विचार करें। जहाँ एक तरफ विज्ञापन के जरिये फिल्मी सितारे युवाओं को गुटखा खाने को प्रेरित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ क्रिकेट स्टार बच्चों को ऑनलाइन सट्टा खेलने के लिये उकसा रहे हैं। जब बार बार क्रिकेटर विज्ञापन में हर अन्तरालContinue reading “युवा पीढ़ी को बताना होगा उनके सच्चे आदर्श कौन हैं”

मदर्स डे और पश्चिमी देशों की संस्कृति की दुहाई

पश्चिमी देशों की संस्कृति की दुहाई देकर मदर्स डे का विरोध करने वालों को यह बात अब समझ लेनी चाहिए कि अब भारतीयों के के पास भी समय नहीं हैं माँ-बाप के लिए, गांधीवादी आदर्श भारत वाला वो दौर अब जा चुका हैं, आज कल के लोग अपने माँ बाप को कुछ नहीं समझते हैं….Continue reading “मदर्स डे और पश्चिमी देशों की संस्कृति की दुहाई”

आंँसू तमाम शहर की आंँखों में हैं मगर: अमीर हाशमी की ग़ज़ल वाईरल

आंँसू तमाम शहर की आंँखों में हैं मगर,हाकिम बता रहा है कि सब ठीक-ठाक है. Aansu tamam shahar ki aankho me hain magar,Haakim bata raha hain sab thik thak hain.

क्या होगा छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का भविष्य?

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को भविष्य में बल देने के लिए ऐसी एक व्यवस्था का नाम बताएं जिससे हमें बाहर निकलने की आवश्यकता हैं और भविष्य में किस व्यवस्था की आवश्यकता हैं. उदाहरण के लिए सऊदी अरब तेल पर से निर्भरता ख़त्म करके टूरिज़म पर अर्थव्यवस्था को केंद्रित हो रहा है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का केन्द्रContinue reading “क्या होगा छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का भविष्य?”

कौन हैं बस्तर महान बुद्धिजीवी ‘ताऊजी’, जिनके प्रयासों से नक्सलियों के कब्जे से मुक्त हुए कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास

छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके के जिन जंगलों में सरकारी लोग जाने से कतराते हैं और आए दिन सुरक्षा बलों और नक्सलियों की मुठभेड़ होती रहती है, वहां धर्मपाल सैनी एक सेतु की तरह हैं। वह अकसर सरकार और नक्सलियों के बीच संवाद की राह बनाते हैं। उनके ही प्रयासों से बीजापुर में नक्सलियों से मुठभेड़Continue reading “कौन हैं बस्तर महान बुद्धिजीवी ‘ताऊजी’, जिनके प्रयासों से नक्सलियों के कब्जे से मुक्त हुए कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास”

गुलमोहर सोया था दहक गया होगा: होली स्पेशल

गुलमोहर सोया था दहक गया होगामन  महुआ तो है बहक  गया  होगा। यूं ही हवा मचल के चलती नहींबदन टेसू ने उसका छुआ होगा। वजहा और रुतों की मुझे नहीं मालूमतेरी हंसी से ही फागुन हुआ होगा। आओ होली में तो रंग जरा बौराऐंएक सुगना चुपके से कह गया होगा। यहां गेसुओं से मत तूContinue reading “गुलमोहर सोया था दहक गया होगा: होली स्पेशल”

महात्मा गांधी का दांडी मार्च (12 मार्च 1930)

महात्मा गाँधी ने आज के दिन 12 मार्च को आम भारतीयों के शोषण करने वाला नमक कानून को तोड़ने के लिए एतिहासिक दांडी यात्रा की शुरुआत की थी। 1929 में कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन में गांधीजी ने पूर्ण स्वराज्य की मांग अंग्रेजों के सामने रखी जिससे अंग्रेजों और गांधी के बीच सीधा टकराव बढ़ गया।Continue reading “महात्मा गांधी का दांडी मार्च (12 मार्च 1930)”

The magajhmari of thenew eating out code!

Eating out in restaurants is allowed in the New Normal, thank you, but the experience is nowhere like normal. And it’s a bit painful. I get the restricted seating. And social distancing. But I cannot understand restaurants replacing menus with a QR code on a tent card placed on the table. Diners have to useContinue reading “The magajhmari of thenew eating out code!”

जोहार गांधी बाबा गीत: अमीर हाशमी

सत्य अहिंसा के बाम्हन बाबा तोला सादर नमन,पण्डित सुन्दरलाल के नेवता ल स्वीकार कर,कंडेल ग्राम म नहर कर विरोध बर तेहा आएच,हमर छत्तीसगढ़ के मन ल बढ़ाएचजोहार गांधी बाबा… तोर संगे संग म खिलाफत आंदोलन के सियानी करिईया,मौलाना शौकत अली तको आईस हवय,जइसे ही राइपुर म उतरेच,छत्तीसगढ़ के जमो मनखे तोर अगोरा म खड़े रहिसजोहारContinue reading “जोहार गांधी बाबा गीत: अमीर हाशमी”

Set your own standards: Amir Hashmi

There will be people that will judge you no matter what you do. Mostly because they don’t understand you or your journey.⁣⁣These people spend most of their time finding faults in others and usually never spend time to correct their own. The funny thing is that a lot of the time they don’t even knowContinue reading “Set your own standards: Amir Hashmi”