Website & Blogs Income per month ? Start your blog now

First, you can only make money if you decide to monetize your blog. There are however many ways. It also depends on your niche. Some niches can be easily monetized. Others are really not easy especially if you don’t get the right way to monetize. Adsense, Sponsored posts, direct ads, affiliate reviews, etc are commonContinue reading “Website & Blogs Income per month ? Start your blog now”

शख़्सीयत: सुरूर होदा | अमीर हाशमी | बिहार | हिन्दी

शख़्सीयत | अमीर हाशमी | बिहार | हिन्दी सुरूर होदा बिहार के उन गुमनाम शख्सियतों में से एक हैं जिन्होंने समाजवादी विचारधारा को अपने जीवन में पूर्ण रूप से आत्मसात कर लिया था। सुरूर साहेब का जन्म 1928 में बिहार के छपरा, बिहार में हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की थी फिर उन्होंनेContinue reading “शख़्सीयत: सुरूर होदा | अमीर हाशमी | बिहार | हिन्दी”

EARLY ERA OF REVOLUTIONARIES IN CHHATTISGARH

EARLY ERA OF REVOLUTIONARIES IN CHHATTISGARH Amir HashmiActor, Film Producer & DirectorAuthor: Johar GandhiWebsite: http://www.amirhashmi.com Reference study: Tribal freedom fighters: Their role and contribution in India’s struggles for independence. Keywords: Tribal Revolutionaries, Indian independence movement, Freedom Struggle, Johar Gandhi, Indian, Chhattisgarh Citation: Hashmi, Amir (2021). Johar Gandhi (The Journey of Mahatma Gandhi in Chhattisgarh). NewContinue reading “EARLY ERA OF REVOLUTIONARIES IN CHHATTISGARH”

आजादी की चिंगारी और उर्दू सहाफ़त (पत्रकारिता)

उर्दू सहाफ़त का माज़ी भी रोशन था और मुस्तक़बिल भी ताबनाक है. मुल्क भर में उर्दू सहाफत का 200 सालां जश्न मनाया जा रहा है, मुल्के अज़ीज़ हिन्दुस्तान में उर्दू सहाफ़त का आग़ाज़ आज से 200 साल क़बल 1822 में हुआ था, 27 मार्च 1822 को पहला उर्दू अखबार जाम-ए-जहां नुमा कलकत्ता से प्रकाशित हुआContinue reading “आजादी की चिंगारी और उर्दू सहाफ़त (पत्रकारिता)”

स्वेज नहर की दिलचस्प कहानी

स्वेज नहर मिस्र में है जो भू-मध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है भूमध्य सागरीय तट पर स्थित पोर्ट सईद से शुरू हो कर स्वेज शहर के पास लाल सागर में जा मिलती है इन दोनों शहरों के बीच गुजरने वाली स्वेज नहर की लंबाई शुरू में 100 मील या 164 किलोमीटर और चौड़ाईContinue reading “स्वेज नहर की दिलचस्प कहानी”

भोपाल की जामा मस्जिद की दीवारों से सटी दुकानों में होती है पूजा आरती; क्या कर्नाटक इससे कोई सीख लेगा

भोपाल में भारत की सबसे बड़ी और दुनियाँ की 10 बड़ी मस्जिदों में से एक Tajul Masajid है, इसी शहर के बीचों बीच नवाब #Qudsia_Begam की 1832 में बनवाई एक बहोत ही ख़ूबसूरत #जामा_मस्जिद भी मौजूद है. इस जाम मस्जिद की ख़ासियत यह है कि इस मस्जिद के ground floor पर और पूरे complex मेंContinue reading “भोपाल की जामा मस्जिद की दीवारों से सटी दुकानों में होती है पूजा आरती; क्या कर्नाटक इससे कोई सीख लेगा”

Press Release: तत्कालीन मध्य प्रांत के मूल के स्वतंत्रता सेनानियों पर लिखी गई क़िताब जोहार गांधी का जल्द होगा प्रकाशन: अमीर हाशमी

अमीर हाशमी द्वारा लिखित तत्कालीन मध्य भारत प्रांत के मौजूदा छत्तीसगढ़ राज्य के मूल स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा महात्मा गांधी की इस भूमि पर की गई दो यात्राओं पर केंद्रित किताब ‘जोहार गांधी’ का विमोचन जल्द होने जा रहा हैं पुस्तक के लेखक अमीर हाशमी के अनुसार भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान, राष्ट्रपिता महात्मा गांधीContinue reading “Press Release: तत्कालीन मध्य प्रांत के मूल के स्वतंत्रता सेनानियों पर लिखी गई क़िताब जोहार गांधी का जल्द होगा प्रकाशन: अमीर हाशमी”

तारीफों के पुल के नीचे,मतलब की नदियाँ बहती हैं: अमीर हाशमी

तारीफों के पुल के नीचे,मतलब की नदियाँ बहती हैं। – अमीर हाशमी

लता मंगेशकर की मौत पर छींटकशी: विश्वादीप ज़ीस्त

एक बार फिर से वही सब कुछ हो रहा है। किसी महान व्यक्तित्व की मौत के तुरंत बाद उस पर वैचारिकता के आधार पर छींटाकशी। यही हमने अटल बिहारी वाजपेयी के वक़्त देखा था, यही हमने डॉ. राहत इंदौरी के वक़्त देखा था, और अब यही हम लता मंगेशकर के वक़्त देख रहे हैं। अगरContinue reading “लता मंगेशकर की मौत पर छींटकशी: विश्वादीप ज़ीस्त”

बिलासपुर के हिदायत अली “कमलाकर”

जितने अच्छे कवि थे उतने ही अच्छे इंसान थे हिदायत अली ‘कमलाकर’ जी। वे हमारे शहर की गंगा-जमुनी संस्कृति की पहचान रहे हैं। उनकी कृति “किसना मोहे तारो” को लेकर उन्हें मैं बिलासपुर के रहीम खानखाना की उपाधि दूं तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। भारतेंदु साहित्य समिति में मेरी मुलाकात उनसे हुई।इसके बाद अनेक वर्षोंContinue reading “बिलासपुर के हिदायत अली “कमलाकर””

Does Rajeev Gandhi’s “The Ganga Action Plan 1986” Failed?

In India, rivers are the lifeline and the primary source of drinking, agricultural and industrial water. It flows through villages, towns, and cities and nourishes the land. Rivers also carry the dirt of towns and cities. Uneven urbanization, industrialization, and ignorance are contaminating our rivers. Thus the lifeline gets transformed into a deadline. A similarContinue reading “Does Rajeev Gandhi’s “The Ganga Action Plan 1986” Failed?”

Tom Alter on the “Feminist movement”

It seems Tom Alter whose 3rd death anniversary falls next week, had a lot to say about a diverse array of issues: “mental bankruptcy regarding cultural matters”, “politics of reservation”, “the feminist movement”. The other day Dr Ather Farouqui posted excerpts from his English translation of Mr Alter’s autobiography originally written in Urdu. Sadly, theContinue reading “Tom Alter on the “Feminist movement””

बार-बार देखता हूँ आईना सिर्फ इसलिए

बार-बार देखता हूँ आईना सिर्फ इसलिए,अंदर जो टूटा है कहीं बाहर दिखता तो नहीं.~ अमीर हाशमी Baar-baar dekhta hu aaina sirf isliye,Andar jo toota hain kahi bahar dikhta to nahi.~ Amir Hashmi https://t.co/z1DEwG6jQD

हबीब तनवीर से मिली छत्तीसगढ़ को पहचान

आज़ादी के दो-तीन दशक बाद छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेता दुनिया से जा चुके थे, और मध्यप्रदेश में जुड़े होने की वजह से हिंदी भाषा हावी हो गयी थी, ऐसे में छत्तीसगढ़ी भाषा को तुच्छ समझा जाने लगा था. गांव में तो छत्तीसगढ़ी बोली जाती थी, लेकिन उसी गांव के किसी युवा की नौकरी यदि शहरोंContinue reading “हबीब तनवीर से मिली छत्तीसगढ़ को पहचान”

छत्तीसगढ़ बना देश सबसे स्वच्छ राज्य, मुख्यमंत्री ने महिलाओं को दिया श्रेय

छत्तीसगढ़ को स्वच्छ अमृत महोत्सव कार्यक्रम में सबसे स्वच्छ राज्य की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों अवार्ड ग्रहण किया. इस सम्मान समारोह में प्रदेश के सर्वाधिक 67 नगरीय निकायों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन केContinue reading “छत्तीसगढ़ बना देश सबसे स्वच्छ राज्य, मुख्यमंत्री ने महिलाओं को दिया श्रेय”

क्या सोच रहे थे अब तक हम, क्या बात हक़ीक़त निकली है: खंडहर फ़िल्म की शायरी

क्या सोच रहे थे अब तक हमक्या बात हक़ीक़त निकली हैजो देखा मैंने अभी-अभीवो बात तो सारी पिछली है अब आँख खुली बरसो में मेरीक्या वाकई सच है जान गयाहै जीना उसका जीना बसजो मिट्टी को रब मान गया कभी नदिया पर्वत बीहड़ हैकभी बर्फ से ढका हिमाला हैकिसी घर के दीपक बुझने सेतेरे-मेरे घरContinue reading “क्या सोच रहे थे अब तक हम, क्या बात हक़ीक़त निकली है: खंडहर फ़िल्म की शायरी”

My Musings on Gandhi: Anand Bahadur

What is Gandhi’s greatest gift? He made the British go away, made them feel ashamed of themselves as the greatest champions of human values. They were so ashamed it was a coloured person born in a heathen, uncivilized and non-Christian country, who was considered the greatest champion of all that is most glorious and worthyContinue reading “My Musings on Gandhi: Anand Bahadur”

चैप्लिन का गांधी – दो धुवों का मिलाप

– 1931 में गोलमेज़ सम्मेलन के सिलसिले में महात्मा गांधी लंदन पहुंचे थे। संयोग से चार्ली चैप्लिन भी तब वहीं थे। गांधी जी से उनकी भेंट हुई। – ये दोनों एक-दूसरे से सर्वथा भिन्न थे। गांधीजी तो सिनेमा भी नहीं देखते थे। किंतु इन दो विलक्षण व्यक्तित्वों की यह मुलाक़ात विश्व-कल्पना में सजीव बनी हुईContinue reading “चैप्लिन का गांधी – दो धुवों का मिलाप”

खान बहादुर औलाद हुसैन द्वारा 1887 में बसाया गया था दुर्ग जिला

ReferenceCENTRAL PROVINCES DISTRICT GAZETTEERSGAZETTEERS Durg District 1910VOLUME AEDITED BY A. E. NELSON’ I.C.S. दुर्ग जिले का इतिहास दुर्ग जिला 1 जनवरी 1906 से है। रायपुर और जिले का गठन दोनों। बिलासपुर जिले, जो एक साथ 20000 वर्ग मील के क्षेत्र को कवर करते हैं और 25 लाख लोगों की आबादी को शामिल करते हैं, जिसेContinue reading “खान बहादुर औलाद हुसैन द्वारा 1887 में बसाया गया था दुर्ग जिला”

तानवट-नवापारा जंगल सत्याग्रह

1930 में महात्मा गांधी ग्रामीण कांग्रेस को संगठित करने में लगे थे। “गांधी टोपी” प्रतीक बन चुकी थीं स्वतंत्रता के सिपाही और कांग्रेस का प्रभाव बढ़ रहा था। पुलिस का अत्याचार और लूट खसोट तानवर-नवापारा इलाके में बढ़ गया। शहरी क्षेत्रों में तो बड़े नेताओं के दबाव और भय के कारण ब्रिटिश पुलिस संयम बरततीContinue reading तानवट-नवापारा जंगल सत्याग्रह