My Musings on Gandhi: Anand Bahadur

What is Gandhi’s greatest gift? He made the British go away, made them feel ashamed of themselves as the greatest champions of human values. They were so ashamed it was a coloured person born in a heathen, uncivilized and non-Christian country, who was considered the greatest champion of all that is most glorious and worthyContinue reading “My Musings on Gandhi: Anand Bahadur”

खान बहादुर औलाद हुसैन द्वारा 1887 में बसाया गया था दुर्ग जिला

ReferenceCENTRAL PROVINCES DISTRICT GAZETTEERSGAZETTEERS Durg District 1910VOLUME AEDITED BY A. E. NELSON’ I.C.S. दुर्ग जिले का इतिहास दुर्ग जिला 1 जनवरी 1906 से है। रायपुर और जिले का गठन दोनों। बिलासपुर जिले, जो एक साथ 20000 वर्ग मील के क्षेत्र को कवर करते हैं और 25 लाख लोगों की आबादी को शामिल करते हैं, जिसेContinue reading “खान बहादुर औलाद हुसैन द्वारा 1887 में बसाया गया था दुर्ग जिला”

Tom Alter on the “Feminist movement”

It seems Tom Alter whose 3rd death anniversary falls next week, had a lot to say about a diverse array of issues: “mental bankruptcy regarding cultural matters”, “politics of reservation”, “the feminist movement”. The other day Dr Ather Farouqui posted excerpts from his English translation of Mr Alter’s autobiography originally written in Urdu. Sadly, theContinue reading “Tom Alter on the “Feminist movement””

तानवट-नवापारा जंगल सत्याग्रह

1930 में महात्मा गांधी ग्रामीण कांग्रेस को संगठित करने में लगे थे। “गांधी टोपी” प्रतीक बन चुकी थीं स्वतंत्रता के सिपाही और कांग्रेस का प्रभाव बढ़ रहा था। पुलिस का अत्याचार और लूट खसोट तानवर-नवापारा इलाके में बढ़ गया। शहरी क्षेत्रों में तो बड़े नेताओं के दबाव और भय के कारण ब्रिटिश पुलिस संयम बरततीContinue reading तानवट-नवापारा जंगल सत्याग्रह

हबीब तनवीर से मिली छत्तीसगढ़ को पहचान

आज़ादी के दो-तीन दशक बाद छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेता दुनिया से जा चुके थे, और मध्यप्रदेश में जुड़े होने की वजह से हिंदी भाषा हावी हो गयी थी, ऐसे में छत्तीसगढ़ी भाषा को तुच्छ समझा जाने लगा था. गांव में तो छत्तीसगढ़ी बोली जाती थी, लेकिन उसी गांव के किसी युवा की नौकरी यदि शहरोंContinue reading “हबीब तनवीर से मिली छत्तीसगढ़ को पहचान”

Criticize Gandhi based on logic: Amir Hashmi

“If it is necessary to use words like globalization, free markets, privatization, and liberalization in defining the 21st century, then it is also imperative that words like violence, extremism, inequality, poverty, and inequality are not ignored. If one question the relevance of Gandhi and his ideology even in the presence of violence, extremism, poverty, andContinue reading “Criticize Gandhi based on logic: Amir Hashmi”

‘अपने’ ज़्यादा हों तो, आस्तीनों में गुंजाइश रख दूं: अमीर हाशमी

नाप लेता है मेरा दर्ज़ी, तो पूछा करता है मुझसे,‘अपने’ ज़्यादा हों तो, आस्तीनों में गुंजाइश रख दूं. -अमीर हाशमी

सिर्फ इश्कवालों की यादें गुलजार क्यूं हैं: अमीर हाशमी

दुनिया इन्कार करती है फिर भी तलबगार क्यूं है,ये इश्क इतना असरदार क्यूं है खाक मे मिल चुकी है हर शय फानी हैसिर्फ इश्क के दुनिया मे मजार क्यूं है अजिमोशान शहंशाहों को भुला चुकी है दुनियासिर्फ इश्कवालों की यादें गुलजार क्यूं हैं फकिरी मे गुजरते देखी है इश्कवालों की जिंदगीफिर भी साहिलों की यहांContinue reading “सिर्फ इश्कवालों की यादें गुलजार क्यूं हैं: अमीर हाशमी”

यूँ तो आते हैं मुझको हर साल

यूँ तो आते हैं मुझको हर साल बहुत से पैग़ाम लेकिन,इंतेज़ार अब भी मुझे उस एक शक़्स का होता हैं. Yu to aate hian mujhko har saal bhut se paigham lekin, Intezar ab bhi mujhe us ek shakhs ka hota hain. – Amir Hashmi

Dilip Kumar and Siara Banu, Till Death do us apart

#DilipKumarTribute #amirhashmi What a heart-wrenching picture this is. Of Saira Banu in her grief. Unmindful of the mourners who came to pay their last respects to Dilip Kumar and then stayed on to take mobile photos, and the intrusive paparazzi, she showed how true love can only lead to a broken heart when one ofContinue reading “Dilip Kumar and Siara Banu, Till Death do us apart”

How to Saver Rivers in Hindi

Rivers are dumped with various wastes such as household, industrial,etc. It is very important to check that the wastes are treated properly before discharging into the rivers. Oil spills from the vehicles or heavy industries should not be allowed to get discharged into the rivers. Strict water laws should be there. Fortunately, you can do your part to save the rivers byContinue reading “How to Saver Rivers in Hindi”

Life is a journey, not competition

There are two types of reactions I’ve noticed from people who look at others success.⁣⁣ The ‘That should be me’ reaction. – A feeling of envy, often resulting in hateful comments or actions. Usually a wishful thinker, not willing to put in the work and assumes the world owes them something.⁣⁣ The ‘inspired’ reaction. –Continue reading “Life is a journey, not competition”

Tankeshwar Chandra Birthday: अमीर हाशमी सहित कई संस्थाध्यक्षों ने दी बधाई

इन.जी.ओ. महासंघ के राष्टीय अध्यक्ष और संयोजन टंकेश्वर चंद्रा का आज जन्मदिन है। उन्हें देश भर से बधाईयों का तांता लगा हुआ है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी लंबी उम्र की कामना कर रहे हैं। कई इन.जी.ओ. के अध्यक्षों से उन्हें जन्मदिन की बधाई मिली है। वहीं, राज्य भर में इन.जी.ओ. महासंघ से जुडी संस्थाएंContinue reading “Tankeshwar Chandra Birthday: अमीर हाशमी सहित कई संस्थाध्यक्षों ने दी बधाई”

हम काल्पनिक नए भारत की कल्पना करते हैं: अमीर हाशमी

यहां एक दृष्टिकोण की जरूरत है जहां सभी सरकार, समाज और आध्यात्मिक नेता मिलकर काम करते हैं, छत्तीसगढ़ की नदीयों को बचाने के लिए समाज को आगे आना होगा, नदी को सम्मान देने की दिशा में कौन काम करेगा? नदियों को उसके जीवित रहने के लिए समाज का समर्थन चाहिए. यदि ऐसा नहीं होता है,Continue reading “हम काल्पनिक नए भारत की कल्पना करते हैं: अमीर हाशमी”

चैप्लिन का गांधी – दो धुवों का मिलाप

– 1931 में गोलमेज़ सम्मेलन के सिलसिले में महात्मा गांधी लंदन पहुंचे थे। संयोग से चार्ली चैप्लिन भी तब वहीं थे। गांधी जी से उनकी भेंट हुई। – ये दोनों एक-दूसरे से सर्वथा भिन्न थे। गांधीजी तो सिनेमा भी नहीं देखते थे। किंतु इन दो विलक्षण व्यक्तित्वों की यह मुलाक़ात विश्व-कल्पना में सजीव बनी हुईContinue reading “चैप्लिन का गांधी – दो धुवों का मिलाप”

हम कश्मीर में पंडितों के साथ खड़े है: अमीर हाशमी

हम जर्मनी में यहूदियों के साथ खड़े है,हम कश्मीर में पंडितों के साथ खड़े है,हम पाकिस्तान में अल्पसंख्यक शियाओं, सिखों, हिन्दू, पारसी, ईसाई, बौद्ध के साथ खड़े है,हम चीन में उइगर के साथ खड़े है,हम म्यांमार में रोहिंग्या के साथ खड़े है,हम श्रीलंका में तमिलों के साथ खड़े है,हम दिल्ली में सिखों के साथ खड़ेContinue reading “हम कश्मीर में पंडितों के साथ खड़े है: अमीर हाशमी”

युवा पीढ़ी को बताना होगा उनके सच्चे आदर्श कौन हैं

वर्तमान समय की आवश्यकता है कि हम अपने रोल मॉडल्स के चयन पर पुनर्विचार करें। जहाँ एक तरफ विज्ञापन के जरिये फिल्मी सितारे युवाओं को गुटखा खाने को प्रेरित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ क्रिकेट स्टार बच्चों को ऑनलाइन सट्टा खेलने के लिये उकसा रहे हैं। जब बार बार क्रिकेटर विज्ञापन में हर अन्तरालContinue reading “युवा पीढ़ी को बताना होगा उनके सच्चे आदर्श कौन हैं”

मदर्स डे और पश्चिमी देशों की संस्कृति की दुहाई

पश्चिमी देशों की संस्कृति की दुहाई देकर मदर्स डे का विरोध करने वालों को यह बात अब समझ लेनी चाहिए कि अब भारतीयों के के पास भी समय नहीं हैं माँ-बाप के लिए, गांधीवादी आदर्श भारत वाला वो दौर अब जा चुका हैं, आज कल के लोग अपने माँ बाप को कुछ नहीं समझते हैं….Continue reading “मदर्स डे और पश्चिमी देशों की संस्कृति की दुहाई”