आंँसू तमाम शहर की आंँखों में हैं मगर: अमीर हाशमी की ग़ज़ल वाईरल

आंँसू तमाम शहर की आंँखों में हैं मगर: अमीर हाशमी की ग़ज़ल वाईरल

आंँसू तमाम शहर की आंँखों में हैं मगर,
हाकिम बता रहा है कि सब ठीक-ठाक है.

Aansu tamam shahar ki aankho me hain magar,
Haakim bata raha hain sab thik thak hain.

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