झूठों की हमदर्दी से खाये दग़ा…


झूठों की हमदर्दी से खाये दग़ा, 

दिल वालो ने भी दिल मुर्दा किये. 

फ़कीर बतलाकर शराब पीने ने किस्से यूँ आम हुये,

मज़लूमों से भी कता करते लोग अब आम हुये. 

#अमीरहाशमी की कलम से...
झूठों की हमदर्दी से खाये दग़ा,

दिल वालो ने भी दिल मुर्दा किये.

फ़कीर बतलाकर शराब पीने ने किस्से यूँ आम हुये,

मज़लूमों से भी कता करते लोग अब आम हुये.

#अमीरहाशमी की कलम से…

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